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DESI SEX STORIES: Twin Sisters Tuition Threesome

DESI SEX STORIES: Twin Sisters Tuition Threesome

जब मेरे दोस्त की दीदी को उनके यार की असलियत पता लगी तो: शिखा दीदी अब तक पूरे गुस्से में थी, अगर अमित अभी उनके सामने होता तो दीदी सच में...

दोस्त की दीदी की क्सक्सक्स मूवी से चुदाई-5

जब मेरे दोस्त की दीदी को उनके यार की असलियत पता लगी तो:

शिखा दीदी अब तक पूरे गुस्से में थी, अगर अमित अभी उनके सामने होता तो दीदी सच में उसका खून कर देती!
अमित- हाँ क्यों नहीं, वैसे मेरे और भी 2 दोस्त हैं जो उसकी चूत लेने को बेकरार है, तेरा भी नंबर लगवा दूँगा, लेकिन पहले तू सपना से मेरा काम करवाना उसके बाद तेरी बारी आएगी…
सन्नी- ठीक है सर मैं कोशिश करता हूँ, और जैसे ही कुछ होता है मैं आपको फोन करता हूँ.
मैंने फोन कट कर दिया.

मैंने दीदी की तरफ़ देखा तो उनके चेहरे पर गुस्सा और आँखों में आँसू थे- मैं इस अमित को नहीं छोड़ने वाली, जान से मार दूँगी इसको, खून पी जाऊंगी अमित का, मैंने उस पे इतना यकीन किया और वो हरामी ऐसा निकला!
दीदी रोते हुए गुस्से में अमित को गालियाँ दे रही थी.

तभी मैं उठा और बाहर जाकर अपना बैग लेकर अंदर आ गया, बैग में से मैंने लेपटॉप निकाला और खोल कर दीदी के पास बैठ गया, दीदी ने अपनी आँखों से आँसू पौंछे और मेरी तरफ देखने लगी, मैंने जल्दी से वही डेटा वीडियोस प्ले की जो अमित ने बनाई थी।
मैं- देखो दीदी, सिर्फ़ आप ही नहीं, अमित ने ऐसे की लड़कियों को धोखा दिया है, ब्लॅकमेल किया है, उनकी ज़िंदगी बर्बाद की है.

इस घर के हॉल में लगे सोफे पर दो जोड़े जबरदस्त चुदाई में लगे हुए थे. दोनों जोड़ों की चुदाई के कारण हॉल में हच हच.. की आवाज़ें गूंज रही थीं. इ...

सेक्स स्टोरी ससुर बहू की चुदाई की-1

इस घर के हॉल में लगे सोफे पर दो जोड़े जबरदस्त चुदाई में लगे हुए थे. दोनों जोड़ों की चुदाई के कारण हॉल में हच हच.. की आवाज़ें गूंज रही थीं. इन दो जोड़ों में एक भाई-बहन थे और दूसरा देवर-भाभी लंड चूत के खेल में लगे थे.

पर इस समय सब लोग सेक्स की भूख में अंधे हुए पड़े थे. उनको सिर्फ एक ही चीज़ चाहिए थी और वो थी चुदाई. उन्हें किसी बात की कोई परवाह नहीं थी.

पर उनको परवाह करनी चाहिए थी. उनको परवाह करनी चाहिए थी कि अब मोहन लाल (इन भाई-बहन का पिता और मयूरी का ससुर) घर आ चुका था और वो हॉल में दरवाज़े के पास खड़ा, ये दृश्य देख रहा था. वो देख रहा था कि उसके घर के अपने ही बच्चे आपस में चुदाई में व्यस्त थे.

अचानक काजल की नज़र अपने पापा पर पड़ी. उसके मुँह से आवाज़ ठीक से निकल नहीं पाई क्योंकि इस समय रमेश उसको बहुत ही तेज़ तेज़ धक्के लगाकर चोद रहा था. वो लगभग फिर से काजल की चूत में दुबारा झड़ने वाला था. पर काजल के मुँह से कांपती हुई आवाज़ निकली, जो डर और चुदाई की उत्तेजना से मिली जुली थी.

काजल- पा..पाआआ..?

मैं हरियाणा के एक शहर में रहता हूँ, मेरी उम्र 22 साल है, कद 5 फीट 7 इंच है, दिखने में सामान्य हूँ लेकिन गाँव का होने के कारण मेरा डील डौल...


मैं हरियाणा के एक शहर में रहता हूँ, मेरी उम्र 22 साल है, कद 5 फीट 7 इंच है, दिखने में सामान्य हूँ लेकिन गाँव का होने के कारण मेरा डील डौल अच्छा है.
यह कहानी है जब मेरी बुआ मधु हमारे घर राखी का त्यौहार मनाने दो दिन के लिए रहने के लिए आयी थी. बुआ की उम्र लगभग 42 साल है, उनकी एक बेटी अंजलि जिसकी उम्र लगभग 20 साल और एक बेटा माणिक है जो करीब 23 साल का है. बुआ तलाकशुदा है और शहर में एक छोटा सा प्ले वे स्कूल चलाती हैं जिसे उनका गुजारा हो जाता है. माणिक दिल्ली में कोई छोटी मोटी नौकरी करता था और उसे राखी पर छुट्टी नहीं मिली थी.

बुआ जब हमारे घर आई तो उनके साथ में उनकी जवान बेटी अंजलि भी थी. मैंने अंजलि को कोई दो ढाई साल बाद देखा था, इन दो ढाई सालों में वो एकदम बदल गई थी, उसकी जवानी खिल कर निखर गई थी.

अंजलि का कद कोई 5 फीट 3 इंच, एकदम गोरी अपनी मम्मी की तरह, दुबली पतली फीगर होगा कोई 32-26-30, वो अपने शहर में बी ए की पढ़ाई कर रही थी.
अंजलि मुझे बहुत सेक्सी लगी. आते ही हमारी नजरें मिली और वो मुस्कुरा दी. मैं समझ गया कि इसके मन में चोर है और मेरे मन का चोर तो उसे देखते ही जाग गया था.

हम आपस में बात करने लगे, उसकी बातों से मुझे स्पष्ट लग रहा था कि उसकी जवानी, उसकी कामुकता उबाल ले रही है, अगर मैं पहल करूं तो वो मुझसे चुद सकती है.
दिन भर मैं अपनी फुफेरी बहन की चुदाई के प्लान बनाता रहा.

हम सब रात को देर तक टीवी देखते रहे, फिर एक एक करके सब जाकर सो गए, अब मैं और अंजलि ही रह गए थे टीवी वाले कमरे में…
अंजलि टीवी देखते देखते उस कमरे में ही सो गयी.

उसके जाने के बाद मैंने बाहर आकर कॉलबेल बजाई. मोना ने तुरंत दरवाजा खोला. उसे देख कर लगा ही नहीं कि उसके साथ कुछ हुआ. वो बहुत खुश लग रही थी...

योगा से योनि तक-2

उसके जाने के बाद मैंने बाहर आकर कॉलबेल बजाई. मोना ने तुरंत दरवाजा खोला. उसे देख कर लगा ही नहीं कि उसके साथ कुछ हुआ. वो बहुत खुश लग रही थी.

मैं- आज बड़ी खुश लग रही हो तुम.
वो- कुछ नहीं बस ऐसे ही. आप भी ना..
मैं- मेरे साथ गोवा चलोगी? मुझे कल ऑफिस के काम से 4 दिन जाना है.
वो- वाओ, गोवा.. मैंने कभी नहीं देखा.. मैं जरूर चलूंगी.
मैं- मैंने एक कमरा भी सितारा होटल में 201 नंबर का बुक करवा लिया है.

मैंने ये जानबूझ कर बताया था. वैसे भी मुझे ऑफिस में कुछ काम नहीं था. मैं भी छुट्टी पर था.

दूसरे दिन आकर मैंने मोना के फ़ोन की रिकॉर्डिंग सुनी.

मोना- हैलो आनन्द, एक खुशखबरी है.
आनन्द- क्या है जान?
मोन- मैं कल गोवा जा रही हूँ. चार दिन के लिए पति के साथ. उसने एक होटल में 201 नंबर का कमरा बुक करवाया है और वो ऑफिस काम से आए हैं इसलिए व्यस्त रहेंगे.
आनन्द- अरे ये तो बात बन गई. मैं भी गोवा आ जाता हूं. हम लोग वहां पर मस्त होकर घूमेंगे.
मोना- ठीक है तुम गोवा आकर मुझे अपने होटल और कमरा नम्बर वगैरह मैसेज कर देना. तब तक कोई बात नहीं.. अब रखती हूं.

ये सुनकर मेरे दिल को बड़ी तसल्ली हुई क्योंकि इसी लिए तो मैंने ये सब प्लान किया था. फिर हम दूसरे दिन गोवा के लिए फ्लाइट ले ली. दो घंटे में तो होटल में चैक इन भी कर लिया.

दोस्तो, मेरा नाम प्रवीण है। आज मैं अपनी एक सच्ची सेक्स कहानी बताने जा रहा हूँ. मैं आपको अपने बारे में कुछ बता दूं कि मेरी उम्र 23 वर्ष है...


दोस्तो, मेरा नाम प्रवीण है। आज मैं अपनी एक सच्ची सेक्स कहानी बताने जा रहा हूँ. मैं आपको अपने बारे में कुछ बता दूं कि मेरी उम्र 23 वर्ष है और मैं एक बहुत ही अच्छे शरीर का मालिक हूँ मेरा कद लगभग 5 फीट 11 इंच है और दिखने में भी अच्छा खासा गबरू जवान हूँ. मेरा लंड 7 इंच लंबा और 3 इंच मोटा है।
मैं अपने परिवार के साथ गांव में रहता हूँ।

यह घटना आज से एक महीने पहले की है। इस समय गाँव में कुछ ज्यादा खास काम होता नहीं है इसलिए मैं सारा दिन फ्री ही रहता था। मेरे घर के पास मेरे एक दूर के रिश्तेदार का घर था जो की घर में ही बाहर एक छोटे से कमरे में किराने की दूकान चलाते थे। मैं अक्सर वहीं पर बैठ कर लड़कियों को घूरता था क्योंकि वहां पास हैण्ड पंप था और बहुत से लोग पानी लेने और नहाने आते थे।
हैण्ड पंप ठीक दूकान के बगल में ही था तो लड़कियां जब पानी लेने के लिए आतीं तो मैं उनकी बूब्स को चोरी चोरी देखता रहता था और ऐसे ही मेरे दिन कट रहे थे।
उस दूकान में मेरे रिश्तेदार का लड़का पप्पू ही बैठता था तो हम दोनों में अच्छी दोस्ती हो गई थी और जब दूकान के पास कोई नहीं होता था तब हम दोनों मोबाइल में सेक्सी ब्लू फिल्म देखा करते थे। ऐसे ही हमारी दोस्ती और गाढ़ी होती गई।

उस घर में चार ही लोग रहते थे, पप्पू के मम्मी पापा उसकी बड़ी बहन ज्योति और वो। पप्पू मुझसे कई साल छोटा था और उसे सेक्स के बारे में ज्यादा मालूम नहीं था। और मैं उसे ऐसी बातें बताया करता था। उसकी बहन ज्योति जो लगभग 18 साल की होगी, वो दिखने में किसी परी से कम नहीं थी और फिगर भी बहुत अच्छा था। उसके बूब्स बड़े बड़े उभरे हुए और उसकी गांड का उभार तो किसी की भी लंड का पानी निकाल दे। मैं इससे पहले कभी भी उसको गन्दी नजर से नहीं देखता था क्योंकि वो मेरी मुँह बोली बहन थी।

सभी दोस्तो भाभियों और आंटियों को मेरा प्यार भरा नमस्कार, मैं शेखर शर्मा आपके सामने मेरी एक और सेक्स स्टोरी भाभी की चुदाई की पेश करने जा र...

दोस्त की बीवी ने पहल करके चुत चुदाई

सभी दोस्तो भाभियों और आंटियों को मेरा प्यार भरा नमस्कार, मैं शेखर शर्मा आपके सामने मेरी एक और सेक्स स्टोरी भाभी की चुदाई की पेश करने जा रहा हूँ.
दोस्तो आप जानते हो कि मैं जयपुर का रहने वाला हूँ, वहां हमारे पड़ोस में एक लड़का है जो मेरा बहुत ही जिगरी दोस्त है, उसका नाम सुभाष है. सुभाष की शादी फिक्स होने के बाद उसकी शादी का सारा अरेंजमेंट मैंने ही किया क्योंकि सुभाष की फैमिली ओर मेरी फैमिली के रिलेशन बहुत ही अच्छे हैं.

सुभाष की शादी जिस लड़की से फिक्स हुई है, वो सीकर की है और उसका नाम रेणुका है. रेणुका की हाईट 5 फीट 3 इंच है, वो दिखने में बहुत सेक्सी है. उसकी सेक्सी जवानी इतनी कातिलाना है कि उसे देखते ही लंड खड़ा होकर सलामी देने लगे और बिना कुछ किए लंड का पानी निकल आए, उसका चेहरा एकदम गोल भरा हुआ, आँखें झील सी गहरी एकदम नशीली.. रंग एकदम दूधिया, उसको अगर जींस टी-शर्ट पहना दी जाए तो उसके चूचे और कूल्हे बहुत ज़्यादा चमकेंगे. रेणुका का भरापूरा फिगर 36-32-38 का है.

सुभाष की शादी के बाद मैं अपनी जॉब के लिए दिल्ली चला गया, मैं पूरे 11 महीने बाद जयपुर आया क्योंकि मैंने छुट्टी ली हुई थी, मुझे जयपुर में कुछ काम था. जयपुर आकर मैं सुभाष और रेणुका भाभी से मिला, दोनों बहुत ही खुश थे.

मैंने सुभाष से चुपके से पूछा कि सुभाष भाभी के साथ सुहागरात कैसी रही?
उस पर सुभाष ने हंस कर कहा- एकदम मस्त रही.
मैंने पूछा- रोज मस्ती होती होगी?
मेरे दोस्त ने कहा- हां यार… बिन नागा… हर रोज… किसी दिन मेरा मूड ना हो तो रेणुका ही पहल कर देती है.

मेरे कमरे से कुछ दूर एक लड़की रहती थी, उसे मैंने पटा लिया था. एक दिन बारिश हो रही थी, मेरी गर्ल फ्रेंड मेरे कमरे के सामने से निकली, वो भीग...

बारिश का वो दिन: गर्ल फ्रेंड की चुदाई

मेरे कमरे से कुछ दूर एक लड़की रहती थी, उसे मैंने पटा लिया था. एक दिन बारिश हो रही थी, मेरी गर्ल फ्रेंड मेरे कमरे के सामने से निकली, वो भीगी हुई थी. मैंने उसे अंदर बुला कर उस की चुदाई की. मेरी सेक्सी कहानी पढ़ कर मजा लें!

मेरा नाम राहुल है, मैं धनबाद झारखण्ड का रहने वाला हूँ।
पिछले कुछ सालों से मैं desi chudai kahani से बहुत मज़े करता आ रहा हूँ और मैंने कहानियाँ बहुत पढ़ी और लिखी भी… आपने मेरी कहानियों को काफी सराहा।

कुछ दोस्तों ने मुझे फेसबुक और इंस्टा पर भी ऐड किया है। आप मुझे इंस्टाग्राम पर ऐड कर सकते हैं – its.me.rahul

उस समय मैं एक प्राइवेट ट्रेनिंग ले रहा था और हमारे उस स्कूल जिसमें मैं पढ़ता था, उसमें हम सभी लड़के लड़कियाँ एक ही साथ ट्रेनिंग करते थे. लड़कों के लिए वहीं पास में एक हॉस्टल था लेकिन मैं बाहर ही एक कमरा लेकर रहता और अपनी पढ़ाई किया करता था. मेरे दिन बहुत अच्छी तरह से निकल रहे थे, मैं बहुत खुश था।

मेरे कमरे से कुछ दूर एक लड़की सुषमा रहती थी, वो मेरे कमरे के सामने से निकलती थी, उसे मैंने पटा लिया था.
सुषमा मेरी एक बहुत अच्छी दोस्त थी, वो दिखने में बहुत सुंदर, गोरी होने के साथ साथ उसका वो गरम जिस्म मुझे हमेशा अपनी तरफ आकर्षित किया करता था और हमारे बीच बहुत प्यार था, जिसकी वजह से हम बिल्कुल पागल हो चुके थे। हमें एक दूसरे से बिना मिले, देखे, बात किए बिल्कुल भी चैन नहीं मिलता और हम दोनों एक दूसरे के साथ बहुत हंसी, मजाक किया करते थे जिसकी वजह से हमारे बीच की दूरियाँ एकदम खत्म हो चुकी थी, हम दोनों ने सेक्स को छोड़ कर बाकी बहुत सारे काम पहले से ही करके मज़े ले लिए थे और अब हम दोनों बहुत समय से किसी अच्छे मौके के इंतज़ार में थे, जिसका फायदा उठा कर हम दोनों अपने मन की इस इच्छा को भी एक बार पूरा कर लें।

अप्रेल 2015 में मेरे मामा के लड़के नीरज की शादी थी। मैं शादी से 5 दिन पहले मामा के घर चला गया और छोटा मोटा काम करवाने में मदद करने लगा। ...

भाई की साली की चुदाई करके सुहागरात मनाई

अप्रेल 2015 में मेरे मामा के लड़के नीरज की शादी थी। मैं शादी से 5 दिन पहले मामा के घर चला गया और छोटा मोटा काम करवाने में मदद करने लगा।
शादी वाले दिन सारी रस्में पूरी करके बरात दूल्हे के साथ निकली।

जब हम लड़की वालों के यहाँ मण्डप में पहुँचे तो दुल्हे को स्टेज पर रखे सोफे पर बैठाया गया। कुछ देर में दुल्हन को कुछ लड़कियाँ ले कर स्टेज पर आई और नीरज के बगल में सोफे पर बैठा दिया।
दुल्हन सुधा लाल रंग के शादी के जोड़े (लाचा) में बहुत सुंदर लग रही थी, मेरा भाई नीरज उसे लगातार देखे जा रहा था।
सुधा नजरें झुका कर बैठी थी, मैं पास खडा होकर सुधा भाभी से बातें करने लगा। वहाँ एक लड़की हमारी बातें सुन रही थी, बाकी लड़कियाँ नीरज को छेड़ रही थी।
बातें करते वक्त वो लड़की मुझे देख रही थी, लग रहा था कि वो मुझसे इम्प्रेस हो गई थी. वो रह रह कर मेरी ओर देख कर मुस्कुरा रही थी.
सुधा भाभी से पता चला कि वो दिव्या है, उसकी चचेरी बहन, 18 वर्ष की 12वीं की स्टूडेंट।

दिव्या ने गुलाबी रंग का बेहद खूबसूरत लाचा पहना था जिसमें वो बहुत सेक्सी लग रही थी। मैंने उसकी तारीफ की, उसने मुझे थेंक्स कहा।
फिर हम बात करने लगे।
तभी फोटोग्राफर फोटो लेने लगा। एक दो फोटो में मैं दिव्या से सट कर खड़ा रहा।

नमस्कार दोस्तो, मैं अन्तर्वासना का लगभग 4 साल से नियमित पाठक हूँ। लगभग सभी कहानियाँ मैंने पढ़ी हैं। इसकी अब मुझे एक तरह से आदत सी पड़ गयी ह...

स्कूल टीचर की कामुकता और चोदन

नमस्कार दोस्तो, मैं अन्तर्वासना का लगभग 4 साल से नियमित पाठक हूँ। लगभग सभी कहानियाँ मैंने पढ़ी हैं। इसकी अब मुझे एक तरह से आदत सी पड़ गयी है। मन किया कि मैं भी आप सबसे अपनी कहानी साझा करूँ।
मैं अमित, दिल्ली में रहता हूँ, उम्र 32 साल लंबाई 5 फीट 9 इंच, साधारण शरीर।

यह कामुक चोदन कहानी है लगभग 2 साल पहले की… उस समय मैं एक सीनियर सेकेण्डरी स्कूल में फिजिकल टीचर के रूप में काम कर रहा था। हमारे स्कूल में सबका माहौल दोस्ताना था तो सब मिल जुल कर खुश रहते थे, खूब बातें करते थे. हामरे स्कूल के ही स्टाफ में से एक टीचर थी झलक मैडम।
वे लगभग 40 साल की थी, लंबाई लगभग 5 फीट 3 इंच, थोड़ी मोटी थी, रंग भी सामान्य था। कुल मिला कर सामान्य सा चेहरा था.
उनका और मेरा कमरा साथ होने की वजह से लगभग रोज ही हाय हेलो हो जाती थी। कभी कभी हम दोनों साथ बैठ कर चाय कॉफ़ी भी ले लेते थे।

एक दिन ऐसे ही बातों बातों में झलक ने मुझसे पूछा कि मेरी सेक्स लाइफ कैसी चल रही है.
तो मैंने उसको खुल कर बता दिया कि मेरी सेक्स लाइफ मजेदार चल रही है, बीवी के साथ करीब करीब रोज़ ही रात में करीब 2 बार तो हो ही जाता है, उं तीन चार दिनों को छोड़ कर!

कुछ दिन ऐसा ही चलता रहा, फिर एक दिन वो ऐसे ही चलते चलते मुझे बताने लगी कि उसको अक्सर कमर और गर्दन में दर्द रहता है.
तो मैंने बोला कि एक्सरसाइज किया करो.
मैं फिजिकल ट्रेनिंग टीचर था तो उसने पूछ लिया- कौन सी एक्सरसाइज ठीक रहेगी मेरे लिए?
तो मैंने बोला कि चलते चलते थोड़ी न मकीं सिखा पाऊँगा, इसके लिए खाली टाइम में कभी भी मेरे पास आ जाना तो बता दूँगा।

स दिन मैं भी शाम से ही उसके साथ हल्की फुल्की मस्ती कर रहा था; बच्चे अपने कमरे मैं बैठ कर स्टडी कर रहे थे; हमारी नौकरानी गाँव गयी हुई थी औ...


स दिन मैं भी शाम से ही उसके साथ हल्की फुल्की मस्ती कर रहा था; बच्चे अपने कमरे मैं बैठ कर स्टडी कर रहे थे; हमारी नौकरानी गाँव गयी हुई थी और हमारा मूड मस्ती का था।
मैंने ऐसे ही अपनी कई सालों से ब्याही पत्नी से पूछा कि आज क्या कहीं चलने का मन है तो उसको समझ आ गया कि मैं उसको किसी नेट फ्रेंड के साथ ड्राइव पर ले जाने के मूड में हूँ।
वो बोली- चल सकते हैं पर किसके साथ?
मैंने पूछा- तुम बताओ किसके साथ चलना है?
प्रिया- आदित्य से पूछो वो फ्री है क्या?
मै- पूछता हूँ!

असल में आज आदित्य का शाम को मेरे पास फ़ोन आया था कि उसके घर में कोई नहीं है और अगर हम चाहें तो प्रोग्राम बना सकते हैं। मेरे मन में यह ख़याल था कि अगर प्रिया मान जाए तो आज आदित्य से उसको चुदवा दूँ।
हालाँकि प्रिया हमारी कार में मेरे कई नेट फ्रेंड्स के लंड के साथ खेल चुकी है पर अभी तक मेरे अलावा किसी लण्ड से चुदी नहीं। एक बार हमारे नेट दोस्त रजनीश ने उसको मेरे सामने ही कार में ही चोदने की कोशिश की थी पर प्रिया की चूत में लण्ड डालते ही उसको ओर्गास्म हो गया था और प्रिया बेचारी भूखी ही रह गयी थी और फिर मैंने उसको चोद कर ओर्गास्म कराया था।

मैंने उस दिन थोड़ी देर बाद प्रिया को आकर बताया कि आदित्य फ्री है और उसके घर में कोई नहीं है।
प्रिया थोड़ा चिंतित थी पर उसकी कामुकता भी उफान पर थी, मुझसे बोली- क्या उसके घर जाना सेफ रहेगा?
तो मैंने उसको बताया- मैं आदित्य को कई सालों से जानता हूँ और मुझे कभी कोई ऐसा मौका नहीं मिला जब मुझे लगा हो कि उसके साथ हमें कोई खतरा हो सकता है।
फिर प्रिया को मैंने ये भी समझाया कि जब मैं साथ हूँ तो उसको चिंता नहीं करनी चाहिए।

इस चुदक्कड़ परिवार की हिंदी सेक्सी स्टोरी का अगला भाग आपके सामने है, फिर से मजा लीजिएगा. भाई बहन के प्यार की कामुक लीला के दौरान ही मयूरी...


इस चुदक्कड़ परिवार की हिंदी सेक्सी स्टोरी का अगला भाग आपके सामने है, फिर से मजा लीजिएगा.
भाई बहन के प्यार की कामुक लीला के दौरान ही मयूरी मंदिर से लौट आई. उसने घर का दरवाजा खोला और अन्दर आकर हॉल में घुसते ही देखा तो… यह क्या…? उसे तो अपनी आँखों पर यकीन ही नहीं हुआ कि उसके घर में ये कामुकता का खेल चल रहा था.

मयूरी एकदम से भौंचक्की सी रह गई. मयूरी ने देखा कि सुरेश काजल के नीचे लेट कर उसकी चूत चाट रहा है और इसी वजह से उसका मुँह घर के मुख्य दरवाज़े की तरफ ही था. अचानक उसकी नज़र मयूरी पर पड़ी तो वो फिर से उसी हालत में हो गया जैसे वो थोड़ी देर पहले था. जब रमेश की नींद खुली थी और उसने सुरेश को अपना लंड काजल से चुसवाते हुए देख लिया था.

सुरेश धीरे से बोला- भा..भाभीईई.. आ..आआप..?
सुरेश के ऐसे बोलने से काजल और रमेश को भी घर में मयूरी की उपस्थिति का एहसास हो गया. काजल भी रमेश का लंड चूसना छोड़ कर पीछे पलट गई और मयूरी की तरफ देखने लगी.

वैसे तो वो मयूरी से बहुत ही खुली हुई थी. ननद भाभी के रिश्ते की वजह से दोनों के बीच बहुत प्यार और मजाक भी चलता रहता था. पर इस समय बात अलग थी. एक तो वो बिल्कुल नंगी थी, ऊपर से वो अपने बड़े भाई का लंड चूस रही थी और अपने दूसरे भाई से अपनी चूत चटवा रही थी. उसे इस समय अपने आप के लिए किसी रंडी होने जैसे एहसास होने लगा था. वो शर्म से गड़ गई और अपनी भाभी से आँखें नहीं मिला पा रही थी.

इधर रमेश भी अभी तक अपनी आँखें बंद करके अपनी छोटी सगी बहन से लंड चुसवाने का असीम आनन्द ले रहा था, पर उसकी भी तन्द्रा टूट चुकी थी और वो भी मयूरी की तरफ देखने लगा. हालाँकि सामने उसकी अपनी पत्नी खड़ी थी, जिसके सामने वो कई बार नंगा हुआ था, उसको अपना लंड चुसवाया था, उसकी चूचियों के साथ खेला था, उसकी चूत चाटी थी, गांड भी मारी थी और कई बार उसकी घनघोर चुदाई भी की थी. पर वो अभी अपनी सगी बहन के साथ बाहर ही आपत्तिजनक अवस्था में उसके सामने लेटा हुआ था. इसलिए उसको भी अपराधबोध हो रहा था.

2 मिनट बाद ही मुझे लगा कि मेरा काम होने वाला है और मैंने जल्दी से लंड को चूत से निकाला और लंड ने चूत से निकलते ही दीदी की पीठ पर पानी की ...


2 मिनट बाद ही मुझे लगा कि मेरा काम होने वाला है और मैंने जल्दी से लंड को चूत से निकाला और लंड ने चूत से निकलते ही दीदी की पीठ पर पानी की तेज-2 पिचकारियाँ मारना शुरू कर दिया और दीदी की पूरी पीठ मेरे स्पर्म से भर गई, मैं साइड पर गिर गया और तेज तेज साँसें लेने लगा. मैंने दीदी की तरफ देखा तो उनकी आँखों में आँसू थे लेकिन चेहरे पर एक राहत भरी झलक भी नज़र आ रही थी.

कुछ देर बाद दीदी उठी और बाथरूम में चली गई और 5 मिनट बाद वापिस बेड पर आ गई, दीदी ने अपने नंगे बदन पर एक तौलिया लपेटा हुआ था.

दीदी- हो गई तेरे मन को शांति, कर ली अपनी मनमानी तूने, चल अब जल्दी से मेरी वीडियो डेलीट कर और दफ़ा हो जा यहाँ से!
मैं- अरे दीदी, इतनी भी क्या जल्दी है, अभी तो एक बार ही हुआ है.
दीदी- जितना हुआ है तेरे लिए काफ़ी है कमीने, अब मेरी वीडियो डेलीट कर और दफ़ा हो जा यहाँ से!
मैं- अब इतनी भी क्या बेरूख़ी दीदी, अभी तो इतने प्यार से चुदाई करवा रही थी और अभी इतना गुस्सा?
दीदी- गुस्सा नहीं करूँ तो क्या करूँ, मेरा तो दिल करता है तुझे जान से मार दूं, एक तो मेरी और अमित की ऐसी गंदी वीडियो बनाता है ऊपर से मुझे ब्लॅकमेल करता है और लंड चुसवाने के नाम पर पूरा खेल खेलता है मेरे साथ वो भी इतनी बेरेहमी से, ज़रा भी तरस नहीं आया तुझे मेरे पे? ऐसे जानवरों की तरह चुदाई की, मेरी चूत में अभी तक दर्द हो रहा है.
मैं- सॉरी दीदी, मैं छूटने ही वाला था लेकिन अब रुकने को बोल रही थी, ऐसी हालत में रुकना मुश्किल था, मैंने तो लंड ही चुसवाना था लेकिन आपका गोरा और भरा हुआ एकदम मस्त बदन देख कर मेरे से रहा नहीं गया और कौन पागल होता जो ऐसा मौका हाथ से जाने देता, मेरी तो कब से नज़र थी आप पर लेकिन कभी मौका ही नहीं मिला!
दीदी- मौक़ा नहीं मिला इसलिए इतनी घटिया हरकत की तूने, मेरी ऐसी वीडियो बनाई और मुझे ब्लॅकमेल करके ये सब किया मेरे साथ?
मैं- सॉरी दीदी जो मैंने आपको ब्लॅकमेल किया, लेकिन ये वीडियो मैंने नहीं बनाई, किसी और ने बनाई है.

Yea story sachme mere sath hui hai mere gharpe meri maa ne humme aysa bana dia hai kaise meri maa itne logo ki rakhail bani Sidha story...


Yea story sachme mere sath hui hai mere gharpe meri maa ne humme aysa bana dia hai kaise meri maa itne logo ki rakhail bani

Sidha story pe ata hu mai mere ghar me sirf 4jan hai mai mere dad mom and my elder sister , she is 19yrs and my mother is like 37 may be n dad railway me job krte hai unki post hamesha dur dur hoti hai isliye gharpe hum 3jan rehte hai mai or meri bhen clg nikal jaatey hai subhe mom sooyi hui rehti hai hum 8baje nikal jate hai vho 10baje tak uthti hai tho ek din maine clg jane se di ko mana kia qki meri tybat khrb thi mai or meri bhen ek room me rehte they and mom dad ka alag room tha jaha mom akele sooti hai mom kafi young hai unki choti umer me shadi hogyi thi, meri bhen clg k liye nikal gyi or muje ek kiss kia sar pe or kaha dawa le lena kuch khake mai soo gaya tha .

Phir 9.30ko muje kuch awaz ayi or mai uth gaya door halka open tha muje samne mom dikhi or mai unhe dekhta reh gaya mom sirf or sirf apni bra panty me thi unka body bht goora hai humare gharme sab goore hi hai unko dekh k phale muje bht gussa aya . Phir maine socha chodo unki bhi life hai . Phir door bell baji or bahar dudh wala tha muje laga abh mom ake nighty phenegi but vho ayse hi door k pass gyi or kholke sirf apna mhu bahar krke kaha de do vho bhaiya mom ka pura khula hath dekh kuch socha or kaha ki madam pani milega ek glass mom ne kaha ruko or vho pani lene gyi usne halka sa darwaza kholke dekhne laga or usko mhu khula reh gaya mom ne kaha andar ajao or yahi pee lo vho andar aya or ghure jaa raha tha mom ko or pani ka glass lene k time uske hath se glass gir gaya usne kaha madam m sorry apko dekhne me gir gaya

मेरे प्यारे दोस्तो, मेरा नाम वरुण देव है, मैं कानपुर, यू पी का रहने वाला हूँ लेकिन फिलहाल दिल्ली में रहता हूँ। सब लड़कों की तरह मुझे भी लड...

मेरी उभरती जवानी की कामुकता के कारनामे

मेरे प्यारे दोस्तो, मेरा नाम वरुण देव है, मैं कानपुर, यू पी का रहने वाला हूँ लेकिन फिलहाल दिल्ली में रहता हूँ। सब लड़कों की तरह मुझे भी लड़कियों की चूत और गाण्ड मारना बहुत पसंद है।
मैं 28 साल का युवक हूँ.. वैसे मैं बहुत शर्मीला किस्म का हूँ लेकिन बिस्तर पर मैं हैवान से कम नहीं हूँ।

आज की तारीख तक मैंने कई लड़कियों और भाभियों की चूत और गाण्ड मारी है। लेकिन इसके पीछे भी कुछ वज़ह है.
मैं शुरू में बहुत शर्मीला और अपने में ही मस्त रहता था। मैं वो घटना सुनाता हूँ.. जिसकी वजह से मैं ठरकी हो गया और अब मेरा मन सिर्फ चूत व गाण्ड चाटने को करता है।

बात उस समय की है.. जब मैं 12 वीं क्लास में था। मेरा लंड कहीं भी खड़ा हो जाता था.. इसलिए मैं हर दूसरे तीसरे दिन मुट्ठ मारता रहता था। मुझे एक चीज़ बहुत परेशान करती थी.. वो थी आखिर लड़कियों के टांगों के बीच में क्या होता है और कैसा दिखता है.. उनके चूचे कैसे होते हैं उसमें हड्डियां होती हैं या नहीं!
इसी चक्कर में मैं अपनी बड़ी दीदी को… जब वो नहाने जाती थी.. तो मैं नीचे झुक कर दरवाजे के नीचे से देखने की कोशिश करता रहता था लेकिन कुछ दिखता नहीं था क्योंकि मेरी दीदी की चूत के बाल बहुत घने थे।

जब वो कहीं चली जाती थी तो उसकी पैंटी ब्रा सूँघता था और तकिया को पैंटी पहना कर चुदाई करता था। मेरे मन में अपने दीदी को लेकर कभी गलत इरादे नहीं थे लेकिन मैं हिलाने के लिए कुछ भी कर सकता था। शायद मैंने इसलिए आपको अपनी दीदी के बारे में नहीं बताया। मुझे आज भी सेक्स पसंद है.. लेकिन रिश्तों से दूर और आपसी सहमति से ही चुदाई करना मुझे ठीक लगता है।

यह सेक्सी स्टोरी है एक मध्यमवर्गीय खुश परिवार की… रमेश (26 साल) और सुरेश (24 साल) दो भाई थे. दोनों जॉब करते थे और दोनों के दफ्तर पास पास...


यह सेक्सी स्टोरी है एक मध्यमवर्गीय खुश परिवार की…
रमेश (26 साल) और सुरेश (24 साल) दो भाई थे. दोनों जॉब करते थे और दोनों के दफ्तर पास पास थे, इसलिए दोनों भाई रोज़ एक ही कार से ऑफिस जाते थे. रमेश रोज़ सुरेश को उसके दफ्तर के बाहर पिक एंड ड्राप कर लेता था.

एक दिन शाम को दोनों भाई घर वापिस आये तो दोनों ही काम से थके हुए थे. घर का दरवाज़ा खुला था, दोनों अन्दर आये और हॉल में लगे सोफे पर गिर गए. अन्दर से मयूरी (24 साल) आई जो कि बड़े भाई रमेश की पत्नी थी और दोनों को देख कर मुस्कुराते हुए बोली- आ गए दोनों?
छोटा भाई सुरेश बोला- हाँ भाभी!
मयूरी- तुम दोनों काफी थके हुए लग रहे हो?
सुरेश- हाँ भाभी, आज का दिन काफी हेक्टिक रहा.
मयूरी- ओह.. अच्छा, मैं तो मंदिर जा रही हूँ, तो मुझे वापिस आने में 30 से 45 मिनट लग जाएंगे. मैं काजल को बोल देती हूँ, वो तुम्हें पानी वानी पिलाएगी.

मयूरी ने काजल को आवाज़ लगाई और दोनों को पानी देने को बोल कर चली गई. मयूरी बहुत ही खूबसूरत औरत थी. अभी रमेश और मयूरी की शादी को एक साल ही हुआ था. वो देखने में किसी हीरोइन से कम नहीं लगती थी. गोरी, लम्बी, पतली कमर, बड़ी-बड़ी चूचियां, प्यारी सा चेहरा और जानलेवा मुस्कराहट.

काजल (21 साल) रमेश और सुरेश की छोटी बहन थी. काजल किसी भी मामले में मयूरी से कम नहीं थी, वो भी बिल्कुल ही परी जैसी लगती थी. पतली, लम्बी, 36 के साइज की चूचियां और लगभग 36 की ही गांड. जब वो गांड मटका के चलती थी तो लोगों के होश हवा हो जाते थे. अभी शादी नहीं हुई थी और कोई बॉयफ्रेंड भी नहीं था. बेचारी किस्मत की मारी अभी तक वर्जिन थी और अपनी जवानी के भार से मरी जा रही थी.

मैं शुरू से ही बहुत शर्मीला था और सदैव पूरे कपड़े पहन कर रखता था जबकि मेरे साथ के सभी लड़के नगधड़ंग गाँव में घूमा करते थे। यहाँ तक कि 11वीं ...


मैं शुरू से ही बहुत शर्मीला था और सदैव पूरे कपड़े पहन कर रखता था जबकि मेरे साथ के सभी लड़के नगधड़ंग गाँव में घूमा करते थे। यहाँ तक कि 11वीं कक्षा में आकर पहली बार जब रात में मेरा लंड खड़ा हुआ और मैंने हस्तमैथुन कर कौमार्य भंग किया तो बड़ी आत्म ग्लानि हुई।
लेकिन अकथनीय सुखानुभूति के चलते प्रायः रोज़ ही इस काम को करता, कभी कभी तो कामुकता वश दिन में 3-4 बार भी, लेकिन चोरी छुपे, घर वालों की नजर से दूर होकर! बहुत सारे तरीके अपनाये इस लुत्फ़ को उठाते हुये। बहुत सारा सेक्सी साहित्य पढ़ा, पत्रिकायें पढ़ी, उपन्यास पढ़े. इस के बाद एक दिन इंटरनेट पर desi chudaki kahani dot tk साइट को लगभग 10 साल पहले देखा, उस वक्त इस साईट का रंगरूप ही कुछ और था, कहानियाँ भी इतनी ज्यादा नहीं थी, यही कोई तीन सौ कहानियाँ होंगी. लेकिन मुझे इसकी कहानियों में इतना मजा आया कि मैं इस सेक्स स्टोरी साईट का नियमित पाठक बन गया। मैंने इसकी गे कहानियाँ तो सभी पढ़ी हैं और हर कहानी पढ़ने के बाद अपनी गांड मराने की इच्छा होने लगती है। गे यानी गांडू सेक्स कहानियों के सबसे पुराने लेखकों में थे सन्नी शर्मा गाण्डू… उनकी कहानियां मुझे बहुत भाती हैं. लेकिन पता नहीं उन्होंने कहानी लिखना क्यों छोड़ दिया.

खैर… आज मैं अपनी खुद की पहली बार चुदाई की कहानी लिख रहा हूँ, आशा है आप सभी को पढ़ कर मजा आयेगा।

यह आज से 6 साल पहले की बात है जब मैंने इंटरनेट पर गांड मराने की तैयारी के बारे में जरूरी जानकारी हासिल की। इस जानकारी में सबसे उपयोगी थी ब्रिटिश मेडिकल जर्नल में ए बी सी ऑफ सेक्स टाइटिल के साथ छपे लेख। और desi chudai kahani में प्रकाशित एक लेख श्री शगन कुमार जी द्वारा लिखित
गाण्ड मारने की विधि मेरे लिए काफी उपयोगी सिद्ध हुआ.

चार महीने हो चुके, आज मिलने की घड़ी आने वाली है; शाम को 8 बजे घर पहुँच जाऊँगा। घर वालों से मिलने के अलावा इस बात की ज्यादा ख़ुशी है कि शादी...


चार महीने हो चुके, आज मिलने की घड़ी आने वाली है; शाम को 8 बजे घर पहुँच जाऊँगा। घर वालों से मिलने के अलावा इस बात की ज्यादा ख़ुशी है कि शादी के बाद पहली बार घर जा रहा हूँ।
घड़ी में 8.15 हो रहे हैं।

घर के अंदर जैसे ही कदम रखा, सब घर वाले आ गए मिलने, पर मेरी नजरें जिसे खोज रही थी वो तो दिखाई नहीं पड़ रही।
खाना खाया, सब से बातें की, तभी मेरी नजरें रसोई की तरफ गयी, देखा तो कोने में खड़ी वो मेरी तरफ ही देख रही है।
नजरें मिली, उसने शर्मा कर नजरें झुका ली; मैं एकटक उसी की तरफ देखता रहा; वापस नजरें मिली तो उसने पहले तो गुस्से से देखा, फिर कुछ उलाहना सी देती नजर आई और फिर जल्दी से ऊपर अपने कमरे में आकर मिलने की याचना।

5 मिनट बाद वो ऊपर कमरे में चली गयी। अब नीचे मुझसे एक एक मिनट काटना मुश्किल हो रहा था।
फिर जब सबने बोला की थका हुआ होगा, जाकर आराम कर ले, तो दौड़ पड़ा मैं ऊपर की ओर!

जाकर देखा तो कमरे का दरवाजा अंदर से बंद था, दरवाजा खटखटाया; दिल के अंदर अजीब सी हलचल थी, ख़ुशी थी, जल्दी थी दरवाजा खुलवाने की।
मन कर रहा था कि जैसे ही दरवाजा खोलेगी, कस के गले लगा लूंगा उसे।

दीदी की सिसकारियाँ अब बहुत तेज थी, दीदी का जिस्म कभी अकड़ रहा था तो कभी ढीला हो रहा था, दीदी बार बार इधर उधर हिल रही थी, बुरी तरह से मच...


दीदी की सिसकारियाँ अब बहुत तेज थी, दीदी का जिस्म कभी अकड़ रहा था तो कभी ढीला हो रहा था, दीदी बार बार इधर उधर हिल रही थी, बुरी तरह से मचल रही थी. तभी दीदी ने मेरे सर को बालों से पकड़ा और अपने बूब्स से ऊपर उठा दिया.
मैंने दीदी की तरफ देखा, मानो वो पूछ रही थी कि अब मुझे क्यों तड़पा रहे हो? लंड को चूत में क्यों नहीं घुसाते?
लेकिन मैं चुपचाप लंड को चूत के ऊपर वाले लिप्स पर रगड़ रहा था. तभी दीदी ने मेरे सर को छोड़ा और हाथ को जल्दी से नीचे मेरे लंड पर ले गई और लंड को पकड़ कर चूत पर रख दिया और मुझे आगे होने को इशारा करने लगी.

लेकिन मैं दीदी के जिस्म से ऊपर उठ गया और लंड को दीदी की चूत से दूर कर लिया लेकिन दीदी ने मेरे लंड को नहीं छोड़ा और ऐसे ही चूत पर टिकाए रखा और खुद अपनी कमर को ऊपर करके लंड को चूत में लेने की कोशिश करने लगी।
मैं हंस कर दीदी की तरफ़ देख रहा था जबकि उनके चेहरे पर हल्का गुस्सा और बहुत ज़्यादा मस्ती नज़र आ रही थी.

मैंने खुद को हल्का नीचे किया, मेरा लंड चूत के ऊपर था, मेरे नीचे होते ही लंड की टोपी चूत में घुस गई और दीदी ने अपना हाथ हटा कर एक तेज आहह भरी सिसकारी निकाली और मैंने भी लंड को थोड़ा और अंदर घुसा दिया लेकिन लंड अंदर नहीं जा रहा था क्योंकि दीदी की चूत मेरे लंड के लिए थोड़ी टाइट थी. मैंने लंड को हाथ से पकड़ा और पीछे होकर फिर तेज़ी से धक्का मारा तो दीदी ज़ोर से चिल्ला उठी और मेरा आधे से ज़्यादा लंड दीदी की चूत में उतर गया.
“हईए म्म्मररर गईईई… ररीए ससन्नईई आहह उउऊहह…” दीदी का जिस्म तड़प उठा और दीदी की आँखों में हल्के आँसू आ गये लेकिन दीदी ने मुझे रोका नहीं और मैंने भी लंड को फिर से वापिस बाहर किया और तेज़ी से जोरदार धक्का मारा तो लंड पूरा का पूरा चूत की जड़ तक चला गया और दीदी बस ज़ोर से चिल्ला उठी. और अपने हाथों से बेड की शीट को पकड़ कर मसलने लगी.
पूरा लंड घुसते ही मैंने तेज़ी से बिना रुके दीदी की चूत को चोदना शुरू कर दिया और दीदी हल्के दर्द भरी सिसकारियाँ लेती रही और बेड की शीट को हाथों से ज़ोर से मसलने लगी, बेड की शीट पूरी बिखर गई थी और दीदी के हाथों में आ गई थी, बेड पर उतनी ही जगह पर बेड शीट बिछी रह गई थी जितनी जगह पर हम लोग लेटे हुए थे.

Hello, This is Rahul, I was living in Hyderabad, when this happened. I had a neighbor, Mrs. Shaheen, since she was friendly with my mothe...


Hello, This is Rahul, I was living in Hyderabad, when this happened. I had a neighbor, Mrs. Shaheen, since she was friendly with my mother, she would often be at our place. I had always been sexually attracted to her, she was about 50 years, she had maintained her figure and still looked like she was around in her 40s. She had average height and physique. The extra inches on her waist made my neighbour look sexier, She had nice large round breasts, and a big ass.

Her eyes were large and she would take quick focused direct stares, and when our eyes met she quickly would shyly look down and smile. Mrs. Shaheen was a gentle, warm and loving person. I also knew she was very hot and had been secretly satisfying her sexual needs by meeting younger men through her friends. Whenever she went out alone, she would be dressed well in a sari, that would be tied a little low, showing her flat belly and navel. She was, sort of a sex goddess to me and I hoped that one day I might get an opportunity to fuck her. I, somehow had a feeling she too had a thing for me but was scared.

Since Mrs. Shaheen would be alone, as her husband was in a multi national company and a frequent traveler, my mother would ask me to go and help her, sometimes I would also stay over. I was always excited about going over there, as I always had secretly lusted for her. Once, she asked my mom to let me stay over as she was alone, I went to her home, she greeted me at the door, led me to the living room, I sat on the sofa. She went to the kitchen and returned with a beer and two glasses, as she bent to put them on the table, I could see her large breasts and cleavage. I did the honors and poured the beer into the glasses, and offered her one. I knew that she was a social drinker, but this was the first time she was having it in front of me and also offering me. After a couple of bottles, she began touching me and moved close to me on the sofa. She was dressed to kill, wearing a red sari, tight blouse, and high heels.

This series is a figment of my imaginations. All characters mentioned in this story are fictional. I suggest you read the previous parts ...


This series is a figment of my imaginations. All characters mentioned in this story are fictional. I suggest you read the previous parts of this series in order to keep up with the plot. Any suggestions and comments are appreciated (bhaikhapis2017@gmail.com).

This is a completely new series and none of the characters has any kind of association with the old stories submitted by me. I am currently working on my SON MOM AND AUNTS series and appreciate all the love sent to me via email.

Samantha:

After the incidents of last night, Amy had noticed a submissive spark inside of Sammy. She had been doing everything that was commanded to her, and Amy decided to take advantage of that. As far as Amy knew, her daughter was a virgin, and she decided to take her virginity by force.

Both Alex and Sammy were at school, but none of them was able to concentrate. All Alex could think of was his mother, and not in a motherly way, but in a really lustful way. Samantha was not left out. She had discovered her slutty side and her bisexual side. Suddenly she was getting attracted to girls around her along with some of the boys. She was getting horny just by thinking about it.

Amy was at home, still on the bed and completely satisfied. She was making plans for taking her daughter’s cherry and was waiting for Alex to come home so that he could first fill her pussy and then ram his cock inside of Sammy’s virgin cunt.

It was almost 2 pm, and Amy had ordered a takeout for lunch. Alex was about to reach home and Amy was waiting for him naked along with some Chinese Takeout. As soon as Alex opened the front door, he started looking for his mum. His manhood was throbbing in his pants and was eagerly waiting for his mum’s warm pussy.