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हैल्लो दोस्तों, मेरा नाम सन्नी है और मेरी उम्र 25 साल है. में महाराष्ट्र में इंजीनियरिंग की पढ़ाई कर रहा हूँ और अभी तो में 3rd ईयर में ह...

विधवा आंटी को दिया चुदाई का आनंद



हैल्लो दोस्तों, मेरा नाम सन्नी है और मेरी उम्र 25 साल है. में महाराष्ट्र में इंजीनियरिंग की पढ़ाई कर रहा हूँ और अभी तो में 3rd ईयर में हूँ और मुझे सभी लड़कियों की तरफ पहले से ही बहुत ज़्यादा लगाव रहा है. ये मेरी पहली Aunty ki chudai की रियल स्टोरी है और अगर मुझसे कोई गलती हो गयी हो तो प्लीज मुझे माफ़ कर देना तो अब में आप सबको ज़्यादा बोर ना करते हुए सीधे अपनी Hindi Sex Story पर आता हूँ.

अब यहाँ मेरे अंकल भी रहते थे, जिनके यहाँ में अक्सर जाया करता था. उनके घर में वो, उनकी पत्नी और उनकी एक बेटी जो कि 19 साल की है और उनका एक बेटा जो कि 18 साल का है वो रहते है. अंकल की उम्र कोई 54 साल की होगी और उनकी पत्नी की उम्र कुछ 48 साल होगी. अंकल बहुत ज़्यादा शराब पीते थे तो उनको केंसर हो गया था और उसके चलते उनकी 1 साल पहले मौत हो गयी. अब उनकी मौत होने के बाद उनका घर जैसे बहुत ही प्रोब्लम में चलने लगा था.

ये बात 2 महीने पहले की है, में ऐसे ही मिलने आंटी के घर पर गया था तो आंटी मुझे देखकर बहुत खुश हुई और जैसे कि हर बार होती है, क्योंकि में उन्हें बहुत हँसाता हूँ. शनिवार का दिन था तो आंटी ने मुझसे कहा कि आज रात का खाना यहीं खा लेना और आज रात यहीं रुक जाना तो मैंने भी हाँ कर दी. मेरे दिमाग़ में आज तक उनके बारे में ग़लत ख्याल नहीं आया था और में उनकी बहूत इज्जत करता था.



फीर हमने साथ में मिलकर खाना खाया और आंटी की बेटी का सलेक्शन पुणे में इंजीनियरिंग के लिए हुआ था तो वो घर पर नहीं थी. वहाँ सिर्फ़ वो और उनका लड़का ही था. अब खाना ख़ाने के बाद वो ऊपर के रूम में सोने के लिए चला गया और में और आंटी टी.वी. देखने लगे और बातें करने लगे. अब बातों बातों में हमारा टॉपिक अंकल पर चला गया और आंटी थोड़ी दुखी हो गयी और रोने लगी.

अब में उनके करीब ही बैठा था तो मैंने उनके कंधे पर हाथ रख दिया और उनको समझाने लगा कि जो हो गया वो हो गया उसको याद करके ज़्यादा परेशान मत हो और उनको हँसाने की कोशिश करने लगा, लेकिन आंटी समझने को बिल्कुल ही तैयार नहीं थी. फीर थोड़ी देर के बाद वो उठी और रोते-रोते अपना चेहरा धोने के लिए बाथरूम की तरफ चली गयी. उस वक़्त रात के 11 बजे थे और अब मुझसे भी रहा नहीं गया और में उनके पास उनको मनाने चला गया. फीर मैंने उनको टावल दिया और टावल देते वक़्त मेरा हाथ उनकी चूची को ग़लती से लग गया, लेकिन उन्होंने ध्यान नहीं दिया.

फीर वो पानी पीने लगी तो में नीचे रखा ग्लास उठाने के लिये झुका तो वो थोड़ा पीछे खिसकी और उनकी गांड से मेरा हाथ टच हो गया. इस बार मेरे दिमाग़ में थोड़ी गंदी सोच आ गयी और मेरा ईमान खराब हो गया. उनका वो टच ही कुछ ऐसा था कि मेरा लंड खड़ा हो गया, तब मैंने जीन्स पहनी थी तो उनको कुछ नहीं लगा. फीर वो शांत हो गयी और मेरे साथ बैठकर फीर से टी.वी. देखने लगी. अब टी.वी. देखते समय में ऊपर वाले कमरे में गया और उनके छोटे लड़के की एक नाईट पेंट पहनकर नीचे चला आया.

अब में फीर से आंटी से बातें करने लगा और थोड़ी ही देर में मैंने उनको अपनी बातों से हंसा दिया और वो नॉर्मल हो गयी. अब वो मुझसे मेरी गर्लफ्रेंड के बारे में पूछताछ करने लगी. फीर मुझसे रहा नहीं गया और मैंने उनसे पूछ लिया कि अंकल और उनका रिलेशन कैसा था? वग़ैरा वग़ैरा तो वो फीर से दुखी हो गयी. फीर मैंने उनकी जाँघ पर हाथ रख दिया तो वो हैरान हो गयी और मेरी तरफ गुस्सा करके देखने लगी.

फीर मैंने उनकी आँखो में आँखे डालकर उनसे कहा कि में आपकी ज़रूरते समझ सकता हूँ और आपको पिछले 4 साल से वो नहीं मिला है जो हर औरत की ख्वाहिश होती है. अब वो मेरी बात समझ गयी और मेरे गाल पर एक ज़ोर का चाटा मार दिया. फीर मैंने उनसे कहा कि अगर आपकी इच्छा हो तो में वो खुशी आपको देने की कोशिश करूँगा और ये बात किसी को पता भी नहीं चलेगी और घर की बात घर में ही रहेगी. फीर वो बहुत ज़्यादा गुस्सा हो गयी और उन्होंने फीर से मुझे एक और चाटा मारा और गुस्सा होकर ऊपर सोने चली गयी. फीर थोड़ी देर के बाद में भी टी.वी. बंद करके सो गया. फीर करीब आधे घंटे के बाद आंटी फीर से मेरे पास आई और तब में सो गया तो उन्होंने मुझे जगाया और कहा कि ये बात किसी और को मत बताना तो अब में समझ गया कि वो भी गर्म हो चुकी है.

फीर मैंने उसके लिप पर अपने लिप रख दिए और उनकी चूचियां आराम से दबाने लगा, उनकी चूचियां बहुत बड़ी और मुलायम थी. सॉरी दोस्तों में आपको मेरी आंटी के बारे में तो बताना ही भूल गया, वो ज़रा मोटी है और रंग गोरा और उनका फिगर कुछ 38-30-38 है. फीर मैंने उनको बहुत कसकर पकड़ लिया और अपना हाथ उनकी जाँघो पर फैरने लगा और अपना हाथ फैरते फैरते में उनकी चूत को सलवार के ऊपर से ही सहलाने लगा.

फीर थोड़ी देर के बाद वो बहुत गर्म हो गयी और मज़ा लेने लगी. अब में लगातार उनके लिप चूसता रहा और अब वो भी मेरा बहुत साथ दे रही थी. फीर में उनके गले पर अपनी जीभ घुमाने लगा. अब वो बहुत ज़्यादा मचलने लगी और मेरे सर के बालों में अपना हाथ घुमाने लगी. फीर उन्होंने मेरा लंड जो कि पूरी तरह से खड़ा हो चुका था, उसे मेरी नाईट पेंट के ऊपर से ही पकड़कर दबाने लगी और हिलाने लगी. फीर मैंने उनका सलवार निकाल दिया और उनके पेट को चाटने लगा. दोस्तों मुझे औरतों का जिस्म चाटने में बहुत मज़ा आता है.

फीर मैंने अपने थूक से उनके पूरे पेट को गीला कर दिया. फीर उन्होंने मुझे धक्का दिया और अपने से अलग कर दिया और मेरे ऊपर आ गयी और मुझे हग करके मुझे किस करने लगी. फीर उन्होंने मेरा नाईट पेंट निकाल दिया और मेरे लंड को चाटने लगी. दोस्तों अब मुझे बहुत मज़ा आ रहा था. फीर वो मेरे लंड को चूसने लगी और अब मुझे वो बहुत ज़्यादा एक्सपर्ट और भूखी लग रही थी, अब वो मेरा मुठ भी मार भी रही थी और मेरा लंड भी चूस रही थी. फीर करीबन 10 मिनट के बाद में उनके मुँह में ही झड़ गया.

फीर मैंने उनको नीचे लेटाया और उनकी ब्रा को खोल दिया और उनकी चूचियों को चूसने लगा. उनके चूचे इतने बड़े थे कि में अपने दोनों हाथों से पकड़-पकड़कर दबा रहा था. अब में उनकी चूचियां करीब 5 मिनट तक चूसता रहा. फीर में थोड़ा नीचे आया और उनकी जाँघो को चाटने लगा. अब वो पूरी तरह से मदहोश हो रही थी, तब मेरा ध्यान उनकी पेंटी पर गया तो वो पूरी तरह से गीली हो चुकी थी, शायद वो झड़ चुकी थी.

फीर मैंने उनकी पेंटी निकाल दी और उनकी चूत को चाटकर साफ करने लगा, लेकिन उनकी चूत की खुशबू सूँघकर में तो जैसे पागल ही हो गया. फीर वो मौन करने लगी और आवाज़े निकालने लगी, आआ सस्सस्स हह ऊऊ ईईसस्सस्स और चाटो प्लीज और अंदर तककककक एयाया हह एयाया हह एयाया हह. अब में उनकी चूत के दाने को चाटने लगा और अब में लगातार उनकी चूत के दाने को चूसने लगा और अपनी जीभ अंदर बाहर करने लगा. अब तो वो पागल हो रही थी और मेरा सर पकड़कर अपनी चूत पर दबा रही थी. अब में उनकी चूत 15 मिनट तक चाटता रहा.

फीर वो झड़ गयी और में उनकी चूत का पानी पूरा पी गया, वाउ यार क्या टेस्ट था? फीर मैंने उनकी ब्रा से उनकी चूत साफ की तो वो कहने लगी कि अब और मत तड़पाओ प्लीज, अब अपना लंड मेरी चूत में डाल दो प्लीज प्लीज प्लीज.

फीर में उठा और उनके ऊपर आ गया. फीर उन्होंने मेरा लंड अपनी चूत पर सेट किया और कहा कि पहले धीरे धीरे अंदर डालना, क्योंकि मैंने पिछले 4 साल से चुदाई नहीं की है.

फीर मैंने ओके कहा और अपना लंड धीरे-धीरे उनकी चूत में डालने लगा, उनकी चूत बहुत टाईट थी. फीर उन्होंने मुझे रुकने को कहा और अपने मुँह से थोड़ा थूक निकाली और अपनी चूत को गीला कर दिया. फीर मैंने लंड अंदर डालने की कोशिश की तो इस बार मेरा लंड धीरे से उनकी चूत में चला गया, लेकिन वो चिल्ला उठी और अब उनकी आँखो में से आँसू निकल पड़े.

फीर मैंने अपने होंठ उनके होंठ पर रख दिए, ताकि ज़्यादा आवाज़ ना हो. फीर में एकदम धीरे-धीरे अपना लंड अंदर बाहर करने लगा. फीर करीब 2 मिनट में उनका दर्द थोड़ा कम हुआ और वो मेरी गांड को पकड़कर अपनी चूत पर दबाने लगी. फीर में समझ गया और मैंने अपनी रफ़्तार तेज़ कर दी और उनकी टाईट चूत को चोदने लगा.

फीर करीब 5 मिनट बाद वो मौन करने लगी आऊऊ ईसस्स्सस्स और करो और करो, चोदो अपनी रांड को, बुझा दो मेरी चार साल की प्यासस्सस और करो प्लीज, चोदो मुझे ययययसस्स्स्स्सस्स. फीर करीब 15 मिनट की चुदाई के बाद में जब झड़ने वाला था तो में अपना लंड बाहर निकालने लगा, तब आंटी बोली कि अंदर ही छोड़ दे रे तेरा पानी. फीर में उनकी चूत में ही झड़ गया और अब मेरे झड़ते ही वो भी झड़ गयी और अब उनका और मेरा गर्म-गर्म पानी आपस में मिल गया था वाउ यार क्या फीलिंग थी? फीर हम कुछ देर वैसे ही पड़े रहे. फीर हम उठ गये और उस रात हमने फीर से एक बार चुदाई की, तब से जब भी आंटी को मेरी ज़रूरत लगती है में उनके यहाँ चला जाता हूँ. सब लोग जानते है कि हर औरत की कोई ना कोई ख्वाहिश होती है और वो तो उनको पूरी करनी चाहिए, क्योंकि ख्वाहिशे पूरी करने के लिए ही होती है.

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