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आज मैं आप सभी को खुद की जिन्दगी की असली घटना बताना चाहती हूँ | आपको यह सुन कर अजीब लगेगा पर यह सही घटना है | मुझे पूरा यकीन है की यह घटना...

ससुरजी के बूढ़े लंड और मेरी जवान चूत


आज मैं आप सभी को खुद की जिन्दगी की असली घटना बताना चाहती हूँ | आपको यह सुन कर अजीब लगेगा पर यह सही घटना है | मुझे पूरा यकीन है की यह घटना पढ़ कर आप सभी को अच्छा लगेगा |

मेरा नाम बुलबुल है मै भोपाल की रहने वाली हूँ | मेरी ऐज 31 है मेरे पति एक कारखाने में काम करते है मेरे दो बेटे है एक 7 साल का और एक 9 साल का है जो बैंगलोर में होस्टल में रहकर पढाई करते है और मै और मेरे पति भोपाल में ही रहते है| आज मै अपनी जिंदगी की असली घटना लिखने जा रही हूँ | मुझे पूरा विश्वास है की आप लोगो को यह घटना अच्छी लगेगी |

मेरे पति को कारखाने के काम से दो महीने के लिए कश्मीर जाना था और वो मुझे कभी भी अकेला नहीं छोडना चाह रहे थे और उनका कश्मीर जाना भी बहुत जरुरी था इसलिए मेरे पति ने अपने चाचा को मेरे पास रहने के लिए बुला लिया | उसके बाद मेरे पति कश्मीर चले गए| फिर घर में मैं और मेरे चाचा ससुर रहने लगे थे | चाचा जी कि आयु 44 थी | उनकी पत्नी 8 साल पहले ही ख़त्म हो गयी थी और वो गाव में ही अपनी खेती सँभालते थे |

मेरे सास ससुर मेरे छोटे देवर जी के साथ कानपूर में रहते थे जिसके कारण वो मेरे यहाँ रहने के लिए नहीं आ सकते थे | चाचा जी का एक लड़का भी है | जिसका नाम आलोक है | वो मुंबई में रहता है और वही पर जॉब करता है और आलोक की बीबी तो चाचा जी से कभी बात तक नहीं करती है | वो अब अकेले ही थे | इसलिए वो मेरे यहाँ रहने के लिए आ गए चाचा जी दखने में बहुत ही सुंदर हैं और हेन्ड़सम भी | उनकी लम्बाई भी बहुत अच्छी थी वो लगभग 6 फुट के हैं और वो स्वभाव से बहुत ही अच्छे हैं |



जब मेरे पति मेरे साथ घर में रहते थे तो वो मुझे अक्सर चोदते रहते थे | अब में क्या बताऊ जब दखो बस चोदना ही चोदना रहता था | लेकिन अब वो घर पर नहीं थे वो काम से बाहर कश्मीर गए हुए थे | मैं हमेशा घर पर नाइटी ही पहनती हूँ लकिन मैं चाचा जी के सामने नाइटी नहीं पहन सकती थी अच्छा नहीं लगता है | फिर मैं एक दिन कुछ काम से चाचा जी के कमरे पर गयी तो मैंने देखा कि आख बंद कर के चाचा जी अपने लंड की तेल से मालिस कर रहे थे |

चाचा जी को पता नहीं था कि मैं उनको देख रही हूँ वो तो सिर्फ मन लगा कर अपने लंड कि मालिस करे जा रहे थे और पता नयी कुछ बडबडा रहे थे लेकिन कुछ सुनाई नहीं दे रहा था | फिर मैं शर्मा के कमरे से बाहर भाग आई लकिन क्या यार चाचा जी का इतना मोटा लंड देखकर तो मेरी चूत भी बहुत तेजी से बहने लगी थी | और उनका इतना मस्त काला लंड और लम्बा लंड मैंने पहली बार देखा था और मुझे उनका लंड देखकर बहुत पसीना आ रहा था और पता नहीं अंदर बहुत अच्छा भी लग रहा था | मुझे तो सिर्फ उनका लंड हर जगह दिखाई दे रहा था | लकिन मैं क्या करती मेरा और चाचा जी का रिश्ता ही कुछ ऐसा था कि मैं कुछ करने का सोच भी नहीं सकती थी | अब इस बात को एक हफ्ते हो गए और मैं फिर से सही हो गई और सब ठीक हो गया | फिर एक दिन रात में मैं सो रही थे तो मुझे लगा कि कोई मेरे दूध दबा रहा मुझे उस समय बहुत अच्छा लग रहा था और में समझ गई थी कि मेरे दूध चाचा जी ही दबा रहे है |

फिर उसके बाद मैंने भी उनके मस्त लम्बे मोटे काले लंड को याद किया और फिर में सोने का नाटक कर रही थी | फिर मुझे थोड़ी देर बाद ऐसा लगने लगा कि कोई मेरे पैरों को चूम रहा और मुझे पता था कि वो चाचा जी ही है | और कुछ देर बाद वो मेरी नायटी भी उपर उठाने लगे और मेरी चाटने चाटने लगे मुझे अन्दर से मजा आ रहा था और मुझसे रहा नहीं जा रहा था | तो मैंने धीरे से अपनी दोनों टांगें खोल दी और जैसे ही मैंने अपनी टांगें खोली चाचा जी समझ गये | कि मेरी चूत को चुदने का मन कर रहा है | फिर चाचा जी बिना कुछ सोचे विचार करे मेरे उपर चड गए |

और उसके बाद वो धीरे से मरे कान पर बोले बहु उठ जाओ और मेरे साथ चुदने का मजा लो | फिर भी मैं यह सब सुनकर सोने का नाटक कर रही थी और उनकी बातो का जबाब नहीं दिया तो फिर वो बोले पता है बुलबुल उठ जाओ मुझे सब पता है कि आप सो नहीं रही है जग रही है और मजा ले रही है और आपका चुदने का मन कर रहा है |फिर यह सुनकर मैंने चाचा जी को बिना आँखें खोले ही जबाब दिया – चाचा जी……. फिर चाचा जी ने बोला बहु …. फिर मैंने बोला क्या कर रहे हो आप…….. फिर उसके बाद चाचा जी ने मुस्कुरा कर बोला कि मैं आप को प्यार कर रहा हूँ |

मैंने कहा यह कैसा प्यार है चाचा जी……. वो बोले बहु आप एक हफ्ते पहले मुझे कमरे में देखकर क्यों बाहर से भाग गई थी | फिर मैंने चाचा जी से कहा ..क्या में कब ……चाचा जी ने कहा कि बहु अब बस करो मुझे सब पता है अब अपनी आंखे खोलो और मेरे साथ चुदने का मजा लो मुझे पता है कि आपको बहुत चुदने का मन कर रहा है| और उसके बाद चाचा जी उठ गए और कमरे कि लाइट जला दी वो सिर्फ लुंगी पहने हुए थे और कुछ भी नहीं और मैंने सिर्फ नयटी ही पहनी थी|

अब चाचा जी ने अपनी लुंगी को उतार दिया और अपना लंड बहार निकल लिया और हिलाने लगे उनका लंड बिलकुल सीधा खड़ा हुआ था और मस्त लग रहा था| और मैं भी उनके काले लंड को गहरी नजरो से देख रही थी | उसके बाद वो मेरे पास आकर अपना खड़ा हुआ कला लंड मेरे मुंह के सामने लगा दिया और बोले कि आपको मैं अपना लंड टेस्ट कराऊँ आपको बहुत मस्त लगेगा और आप मुझे बहुत अच्छी लगती हो | मैंने कहा कि चाचा जी उस दिन आपका का लंड देखने के बाद मैं तो आपकी दीवानी हो गई हूँ | चाचा जी हसने लगे और कहा कि इस लंड को चूसो |

मैंने फ़ौरन ही उनका लंड अपने हाँथ से पकड़ा और हिलने लगी | फिर मैंने उनका लंड अपने मुंह में डाला और ज़ोर ज़ोर से चूसने लगी | मैंने चाचा जी के लुंड को पूरी तरीके से चाटा और उनकी गोटियाँ भी चुसी | चाचा जी ने कहा कि ऐसे मेरे लंड को तुम्हारी चाची ने भी नहीं चूसा कभी तो मैंने कहा कि मुझे भी ऐसा तगड़ा लंड नहीं मिला अभी तक | अब चाचा जी ने मुझे उठाया और बिस्तर पर बिठा दिया और मेरी नाइटी उतार दी और मेरे दूध को किसी हवसी कि तरह चूसने लगे | वो मेरे दूध को इस तरह दबा रहे थे कि आज तक कभी किसी के दूध न दबाये हों पर मुझे बहुत ज्यादा मज़ा आ रहा था |

चाचा जी ने करीब 10 मिनिट तक मेरे दूध दबाये और चूसे | फिर उन्होंने मुझे बिस्तर पर लेटा दिया और मेरी चिकनी चूत पर उँगलियाँ फैराने लगे | मुझे बहुत मज़ा आ रहा था और अन्दर से चुदने कि चाह और बढती जा रही थी | फिर चाचा जी मेरे चूत को जमके रगड़ने लगे और मैंने पानी छोड़ दिया | चाचा जी ने कहा कि तुम्हारी चूत तोह अभी से हार मान गई तो मैंने भी कहा कि चाचा जी क्यूँ ना एक पारी और हो जाये | तो चाचा जी ने कहा कि मैं बल्लेबाजी के लिए तैयार हूँ |

यह कहते ही चाचा जी अपना लंड मेरी चूत पर रखकर उसे ऊपर नीचे करने लगे | वो दरसल मुझे उकसा रहे थे और फिर उन्होंने अपने लंड से मेरी चूत का छेद ढूंढा और उसमे अपना मोटा लंड डाल दिया | मेरी तो मानो जान ही निकल गई थी फिर धीरे धीरे चाचा जी ने चुदाई कि स्पीड बढ़ाना शुरू करी और फिर मैं ज़ोर ज़ोर से आवाजें निकालने लगी आहाहह्ह्ह आहाहाहा आह्ह्ह्हह्ह | चाचा जी का लंड मुझे अपनी चूत के पूरी अन्दर तक महसूस हो रहा था क्यूंकि उनका लंड बहुत बड़ा था और मोटा भी | फिर चाचा जी बिस्तर पर लेट गए और कहा कि अब मेरे लंड पर कूदो |

मैं फिर चाचा जी के लंड के ऊपर बैठी और ज़ोर ज़ोर से कूदने लगी और ज़ोर ज़ोर से सिसकियाँ लेने लगी | फिर चाचा जी मुझे कुतिया की तरह पीछे से छोड़ने लगे | चाचा जी का स्टैमिना देख मैं हैरान हो गई | फिर थोड़ी देर बाद चाचा जी ने पूछा की मुट्ठ कहाँ गिराऊं तो मैंने कहा कि अन्दर ही गिरा दो चाचा जी | फिर उनका गरम गरम मुट्ठ मेरी चूत के अन्दर झड गया और हम दोनों साथ में बिस्तर पर सो गये | दोस्तों आपको मेरी कहानी कैसे लगी |

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