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प्यारे दोस्तों और सैक्सी लड़कियों को मेरा ठोक कर नमस्कार | मेरा नाम है सूरज राणा और मैं जयपुर में रहता हूँ | वैसे तो मैं नागपुर का रहने...

मेरे हात लगे दो चूत



प्यारे दोस्तों और सैक्सी लड़कियों को मेरा ठोक कर नमस्कार | मेरा नाम है सूरज राणा और मैं जयपुर में रहता हूँ | वैसे तो मैं नागपुर का रहने वाला हूँ लेकिन पढाई के लिए जयपुर में रहता हूँ | मैं वहाँ पर इंजीनियरिंग की पढाई कर रहा हूँ और वहीँ पर काम करके अपना खर्चा चलता हूँ | मेरे कद 5 फीट 9 इंच और रंग गोरा है | मेरे दोस्त कहते हैं कि मैं स्मार्ट दिखता हूँ लेकिन मुझे भरोसा नहीं होता क्यूंकि मुझसे लडकियां ठीक से बात ही नहीं करती | लेकिन मुझे भी लड़कियों से डर लगता है और मेरी लड़कियों से गांड भी फटती है | मेरे दो दोस्त हैं गौरव और विश्वास और दो की ही गर्लफ्रेंड है और दोनों दोनों ही गज़ब की सामान है और उन्हें देख कर मेरे कॉन्फिडेंस की माँ चुद जाती है | चलो अब मैं आप सभी पाठकों को अपनी चुदाई की स्टोरी बताता हूँ जब मैंने एक स्कूल की लड़की को चोदा था |

जैसा की मैंने कहा था कि मैं अपने खर्चे के लिए काम करता हूँ | मैं एक ऑफिस में काम करता जो की एक स्टार्टअप आई.टी. कंपनी है | मेरे ऑफिस के सामने वाले घर में किराये से एक परिवार रहने आया था जिसमे एक लड़की भी थी | वो लड़की स्कूल में पढ़ती थी और गज़ब की सुन्दर लड़की थी | उसका नाम था ख़ुशी और उसे देख कर मुझे बहुत ख़ुशी होती थी | वो बहुत सुन्दर थी और उसका फिगर बहुत ही मस्त था और दूध का साइज़ सामान्य था | उसकी गांड बड़ी थी और वो बहुत गोरी थी | वो सुबह जल्दी स्कूल निकल जाती थी इसलिए मैं सुबह उसको नहीं देख पता था और दोपहर में जब वो आती थी तो अपना मुंह कपडे से ढक कर आती थी | इसलिए मैं उसका दीदार कम ही कर पता था पर उसके घर की बालकनी मेरे ऑफिस से साफ दिखाई देते थी | तो जब भी बालकनी में आती थी तो मैं उसे ताड़ लेता था | ऐसा कई दिनों तक चलता रहा और मैं उसे अपने ऑफिस से देखता रहता था | एक बार वो बालकनी में खड़ी थी और मैं उसे देख रहा था तो उसने मुझे उसे ताड़ते हुए देख लिया | उसने एक पल के लिए नज़रें मिलाई और फिर वो मुंह फेर के अन्दर चली गई | मुझे लगा कि यार मेरी तो किस्मत ही ख़राब है कोई लड़की मुझे भाव नहीं देती और फिर अपना काम करने लग गया | फिर दो दिन बाद वो फिर बालकनी में आई, तो मैं उसे देखने लगा उसने फिर मुझे देखा और अन्दर चली गई | मैंने खुद से कहा कि सूरज भाई तेरी किस्मत ही गांडू है तू अपने काम पे ध्यान दे और काम करने लग गया |



फिर एक बार मेरे ऑफिस का एक दोस्त मेरे पास आया और कहा की एक अंकल है उनको कुछ इन्टरनेट पर काम है , क्या तू कर सकता है ? मैं उस वक़्त फ्री बैठा था तो मैंने हामी भर दी | तो उसने अंकल को बुलाया और कहा कि अंकल ये मेरा दोस्त है सूरज ये आपका काम कर देगा | फिर मैंने अंकल से काम पूछा और उनका काम करने लगा | करीब एक घंटे के अन्दर उनका काम ख़त्म हो गया | तो अंकल कहने लगे कि बेटा ये बड़ा ही मुश्किल का काम था तुमने कर दिया बड़ी कृपा तुम्हारी | तो मैंने कहा की नहीं अंकल ये तो मेरा काम है | फिर थोड़ी देर बाद वो लड़की अन्दर आई , उसे देख कर मेरी गांड फटने लगी और वो मेरी तरफ ही चली आ रही थी | फिर वो मेरे पास आई और अंकल को बोली कि पापा घर चलो कोई मिलने आया है | तब अंकल ने मुझे उस लड़की से मिलवाया और कहा की बेटी ये है समीर और कोई भी काम हो तो इनसे करवा लेना | फिर मुझसे कहा की ये मेरी बेटी है ख़ुशी है और फिर वो चले गए | मेरी ये सोच सोच के गांड फट रही थी कि कहीं वो अपने पापा को बता न दे की ये मुझे रोज़ ताड़ता रहता है पर खुशकिस्मती से ऐसा कुछ नहीं हुआ | अब मुझे उस लड़की से डर लगने लगा कि कहीं ये अपने पापा से पिटवा न दे इसलिए मैंने उसे देखना भी बंद कर दिया |

फिर एक दिन मैं ऑफिस में काम कर रहा था और तो मेरी नज़र उस तरफ मुड़ी तो देखा की वो मुझे देख रही है | तो मैंने नज़रें घुमा ले और काम करने लगा | फिर थोड़ी देर बाद शाम को फिर मैंने उसे देखा कि वो मुझे देख रही है तो मैंने भी उसे देखने लगा और फिर उसने हाँथ दिखाया तो मैंने भी दिखा दिया | फिर हम इशारे में बात कर रहे थे कि क्या चल रहा है और क्या कर रहे हो ? हम ऐसे ही बात कर रहे थे कि मेरे एक दोस्त ने हमें इशारे करते हुए देखा तो पूछा की क्या चल रहा है ? तो मैंने कहा कि कुछ नहीं ऐसे ही जान पहचान है इसलिए बात चल रही है | तो उसने मुझे बताया की ये बहुत तेज़ लड़की है और बहुत से लडको के साथ इसका चक्कर चलता रहा है | तो मैंने कहा क्या सच में ? ये तो बहुत सुन्दर और भोली सी लगती है | तो उसने कहा कि पैसे ले के चुद्वाती भी है ये | मैं एकदम हैरान हो गया और मुझे लगा कि ये तो गज़ब ही हो गया |

फिर हमारी ऐसे ही बातें चलती रही और हमने एक दुसरे के फ़ोन नंबर ले लिए और बात करने लगे | फिर एक बार मैंने दारू पी और उसको फ़ोन लगा और कहा कि ख़ुशी तुम मुझे बहुत अच्छी लती हो और मैं तुम्हे चोदना चाहता हूँ चाहो तो पैसे लेलो | वो बोली कि क्या बकवास कर रहे हो ? तो मैंने कहा की मुझे तुम्हारे बारे में सब पता है तो क्या बोलती हो ? तो वो मान गई और कहा की मैं 1000 लूंगी | मैंने कहा चलो ठीक है कल 10 बजे मिलो ऑफिस के थोड़ी सी आगे मिलो | फिर अगले दिन मैंने उसे वहाँ से अपनी गाड़ी पे बैठाया और अपने रूम ले गया | जैसे ही मैं रूम में घुसा तो वो बोली कि अब क्या | तो मैंने उसे पकड़ा और जमके के किस किया और उसके दूध दबाने लगा | हमने 5 मिनट तक किस करी | फिर मैंने उसका पिंक कलर का टॉप उतार दिया और देखा की उसने ब्रा नहीं पहनी थी | तो मैंने कहा की पूरी तैयारी से आई हो , तो वो हसने लगी | फिर मैंने उसके दूध दबाये और जोर जोर से चूसने लगा और उसकी निप्पलों को काटने लगा | वो सिसकियाँ लेने लगी और फिर मैं उसकी चूत को उसकी लैगी के ऊपर से मलने लगा | अब वो गरम होने लगी थी और उसने मेरा लंड मेरी पेंट के ऊपर से रगड़ना शुरू कर दिया | फिर मैंने उसकी लैगी भी उतार दी तो देखा की उसने जो पैंटी पहनी थी उसपर फूल बने थे और उसकी पैंटी चूत के पानी से गीली हो रही थी | तो मैंने पूछा कि फूल को पानी दे रही हो क्या ? और उसकी पैंटी उतार दी | फिर उसकी चूत देखी तो लगा की क्या चूत है एक भी बाल नहीं था और बिलकुल चिकनी थी | उसकी चूत देख कर मेरे मुंह में पानी आ गया और मैंने उसकी चूत में मुंह मारने में बिलकुल देर नहीं लगाई | मैं उसकी चूत चाटने लगा और उसकी चूत में अपनी जीभ डालने लगा | अब वो जोर जोर से सिसकियाँ लेने लगी थी और चूत चटवाने के मज़े ले रही थी |

फिर थोड़ी 15 मिनिट चूत का स्वाद चखने के बाद मैंने अपने कपडे उतारे और चड्डी में उसके पास खड़ा हो गया | वो चड्डी के ऊपर से ही मेरा लंड सहलाने लगी | फिर उनसे मेरी चड्डी नीचे करी और कहा कि बापरे तुम्हारा लंड तो बड़ा है मैंने इतने बड़े लंड से कभी चुदाई नहीं करी | तो मैंने कहा कि कोई नहीं अब कर लो | फिर वो मेरा लंड चूसने लगी और मेरी गोटियाँ चाटने लगी | मुझे तो उसको लंड चुसवाने में बहुत आनंद आ रहा था | फिर मैंने अपनी पैन्ट से कंडोम निकला और उसे अपने लंड पे लगाने लगा | वो बोली इसकी क्या ज़रूरत है तो मैंने कहा नहीं, जानू ज़रूरत है | फिर मैंने उसकी चूत पर अपना लंड रखा तो उसने अपने हाँथ से मेरा लंड अपनी चूत में डाल लिया और कहा शुरू हो जाओ | फिर मैंने उसको चोदना शुरू किया और जोर जोर से झटके मारने लगा | वो अब चीखने लगी थी और फिर मैंने उसको घुमाया और कुतिया की तरह चोदने लगा | थोड़ी देर बाद मुझे लगा कि मेरा झड़ने वाला है तो मैं अपना लंड बाहर निकला और कंडोम हटा दिया | फिर मैं अपना लंड जोर से हिलाने लगा और फिर मैंने अपना पूरा मुट्ठ उसके मुंह पर गिरा दिया | फिर मैं उसके साथ वहीँ पर सो गया और थोड़ी देर बाद मैंने उसको 1000 रुपए दिये और घर छोड़ दिया |

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