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दोस्तो, पहले मैं आपको मेरी मामी के बारे में बताता हूँ. मेरी प्यारी मामी का नाम कामिनी है, वो बहुत ही सेक्सी हैं. उनकी हाइट साढ़े पांच फ...

विधवा मामी की कामवासना जगा कर मामी को चोदा


विधवा मामी की कामवासना जगा कर मामी को चोदा

दोस्तो, पहले मैं आपको मेरी मामी के बारे में बताता हूँ. मेरी प्यारी मामी का नाम कामिनी है, वो बहुत ही सेक्सी हैं. उनकी हाइट साढ़े पांच फुट की है और वो बहुत ही कामुक औरत हैं. उनका फिगर 38-32-36 का है. जब भी कोई आदमी उन्हें देखता है, तो उसका लंड खड़ा होना लाजमी है.

दोस्तो, वो वजन में थोड़ी भारी हैं. उनकी गांड थोड़ी बड़ी है, पर जब वो मटक मटक कर चलती हैं, तो जी करता है अभी उनकी गांड में अपना लंड डाल के चोद डालूँ.

मामी के दो बच्चे हैं और उनके पति यानि की मेरे मामा की 5 साल पहले डेथ हो चुकी है.. पर मामा की डेथ का असर मामी पर कुछ भी दिखाई नहीं देता था. वो पहले की तरह ही मस्त सेक्सी तैयार होकर कहीं पर भी जाती हैं.

बात उन दिनों की है जब हम लोग, मतलब मैं और मेरे भाई बहन मामी के घर छुट्टियाँ मनाने के लिए गए थे.
एक दिन मैं और मामी ही अकेले घर पर थे.. सिर्फ उनका छोटा बेटा था, जो बाहर खेल रहा था, वो था. उस वक्त मेरे भाई बहन खरीदी करने बाजार गए थे.
मैंने मामी से कहा- निखिल की शादी की वीडियो तो दिखाओ.

निखिल उनके भाई का नाम है, जिसकी शादी अभी अभी हुई है.

मामी एक सीडी लेकर आईं और डीवीडी प्लेयर ऑन करने लगीं.

जब डीवीडी ऑन हुई तब देखा तो ब्लू फिल्म की सीडी थी. मामी ने तुरंत ही बंद कर दिया और बौखला सी गईं.
तब मैंने उनको सँभालते हुए कहा- कोई बात नहीं.. मामी ऐसा होता है, चिंता मत करो, मैं किसी से कुछ नहीं कहूँगा.
फिर भी वो कुछ नहीं बोलीं.

थोड़ी मैंने इधर उधर की बातें की और उनको संभाल लिया. फिर मैंने आहिस्ते से टॉपिक छेड़ा- मामी आपने कितने साल से सेक्स नहीं किया?
उन्होंने कहा- पांच सालों से सिर्फ चूत को सहला सहला कर जी रही हूँ.

जब उन्होंने चूत शब्द कहा तो मैंने थोड़ी हिम्मत करके एक हाथ उनकी जांघ पर रख दिया. उन्होंने कोई प्रतिरोध नहीं किया.
मैंने अपने हाथ से उनकी जाँघों को सहलाना शुरू किया. उन्होंने कहा कि ये गलत है. मैं ये सब तुम्हारे साथ नहीं कर सकती, मैं तुम्हारी मामी हूँ.

मैंने मामी से कहा- आपको भी सेक्स की जरूरत है और मुझे भी है. अगर हम आपस में सेक्स करेंगे तो घर की बात घर में ही रहेगी.



मामी तब भी मना कर रही थीं, तभी मैंने अपना एक हाथ उनके मम्मों पर रख दिया और सहलाने लगा. क्या मलाई चूचे थे दोस्तो… मैं तो जैसे स्वर्ग की सैर कर रहा था. मामी के मुँह से ‘आहह..’ की आवाजें आने लगीं.

मैंने उनको बिस्तर पर लेटा दिया और उनको किस करने लगा. अब मेरी मामी भी गर्म हो चुकी थीं और वो भी अपनी कामवासना पर कंट्रोल नहीं कर पा रही थीं. मैंने उनके मम्मों के निप्पलों को चूसना शुरू किया. क्या बताऊं दोस्तो.. बहुत मजा आ रहा था.
मामी ‘ओह्ह्ह आअह्ह… और जोर से चूसो…’ ऐसी आवाजें कर रही थीं.

तभी मैंने अपना लंड बाहर निकाला और मामी के हाथ में दे दिया. मेरा लंड 6 इंच लम्बा और 3 इंच मोटा है. जब मामी ने मेरा लंड अपने हाथ में लिया तो उन्होंने कहा- तेरा लंड तो बहुत बड़ा है.. ये तो मेरी चूत फाड़ ही डालेगा. मैंने 5 साल से किसी से चुत चुदाई नहीं करवाई है. जरा ध्यान से करना.

मामी पूरी तरह से गर्म हो चुकी थीं और वो मजे से मेरे लंड को हिला रही थीं. मैंने उनकी सलवार नीचे करने की कोशिश की. तब उन्होंने कुछ याद आया और मुझे मना किया कि अभी नहीं करो क्योंकि मेरा बेटा बाहर खेल रहा है.
मैंने कहा- ठीक है पर लंड से प्यार तो कर लो.

मामी मेरे लंड से बहुत ही मजे से खेलने लगी थीं. मैं अपने एक हाथ से उनके एक चूचे को मसल रहा था और उनके दूसरे चूचे के निप्पल को चूस रहा था.

कुछ देर बाद मामी ने लंड को मुँह में ले लिया और वे पूरी तरह से कामुक होकर लंड चूस रही थीं. कुछ पल बाद उन्होंने लंड को बाहर निकाला और हाथ से बड़े जोश से मेरे लंड की मुठ मारने लगी थीं.

मैंने मामी से कहा- मैं झड़ने वाला हूँ.
मामी और जोर से मेरे लंड को हिलाने लगीं और मैं झड़ने को हुआ तो मैंने खड़े होकर अपने हाथ से अपना लंड हिलाया तो उन्होंने अपनी जीभ को अपने होंठों पर फिराई मैं समझ गया कि इनको लंड का माल खाना है. मैंने मामी के मुँह में लंड डाल कर सारा माल अन्दर गिरा दिया.

वो सारा माल चट कर गईं.

मैं बाथरूम में अपने हाथ और कपड़े साफ करने के लिए चला गया. वो भी बाथरूम में अपने मुँह और कपड़े साफ करने आ गईं.
तभी उनका छोटा बेटा आ गया. हम भी बाहर आ गए.

शाम को मेरे भाई आ गए थे. हम लोग अपनी छुट्टियाँ खत्म करके वापस आ गए. मैं मामी को चोदने को बेचैन था.

एक महीना निकल गया कोई मौका नहीं मिला. तभी मुझे उनके फोन से मालूम हुआ कि उनके बच्चे दो दिन के पिकनिक के लिए जाने वाले थे. घर में सिर्फ मामी अकेली थीं, मैंने ये मौका ताड़ लिया.. और अपने घर बहाना बना दिया कि मैं दोस्त के गाँव जा रहा हूँ.. दो दिन के बाद लौटूंगा.

मैं रात को मामी के घर पहुंचा, मामी मुझे देख कर बहुत खुश हुईं, उन्होंने दरवाजे पे ही मुझे किस कर दिया.

मैंने कहा- सब्र करो मामी.
उन्होंने कहा- सब्र कैसे करूँ होता ही नहीं है.. आज मैं 5 साल के बाद चुदवाऊँगी. मामी उस रात में बहुत ही सेक्सी लग रही थीं. उन्होंने पिंक कलर की बेबीडॉल नाइटी पहनी हुई थी. मैं मामी को लेकर बेडरूम में जा पहुँचा.

मैं उनको चूमने लगा, फिर धीरे धीरे चुची दबाने लगा, वो भी कामुक हो गईं और मुझे कस के गले लगा लिया.

फिर क्या था दोस्तो, मैंने उनके एक एक करके सारे कपड़े उतार दिए और मम्मों को मुँह में ले कर चूसने लगा. वो मेरे बालों को सहलाने लगीं. धीरे धीरे मैंने मामी की पेंटी भी उतार दी और उनको लिटा कर जीभ से उनकी चूत को चाटने लगा.

वो ‘आह उम्म्ह… अहह… हय… याह… आउच..’ करने लगीं.

मैंने अपनी मामी की कामवासना को काफी बढ़ा दिया था, वो मुझसे कहने लगीं- अब बर्दाश्त नहीं हो रहा है.. मुझे जल्दी से चोद दो.

फिर क्या था दोस्तो, मैंने अपना लंड निकाला और चूत के ऊपर लंड को रख कर अन्दर धकेलने लगा. पर मैं अनाड़ी था इसलिए सही तरह से लंड जा नहीं रहा था. मामी ने मेरे लंड खुद ही अपने हाथ से पकड़ा और चूत के छेद पर लगा कर धक्का लगाने को बोलीं.

इसके बाद बड़े ही मस्त तरीके से मेरा लंड उनके चूत में दाखिल हुआ.. मजा गया.

मेरा तो रोम रोम सिहर गया था. मैं लंड अन्दर बाहर करने लगा. फिर पांच से दस मिनट में ही मामी बहुत ही कामुक हो गईं और मुझे गाली देने लगीं, वो कह रही थीं- चोद साले.. चोद मुझे.. फाड़ दे मेरी चूत को.. आज मैं तुम्हारी बीवी हूँ.. जैसे मर्जी चोदो.. चाहे तो तुम मेरी गांड भी मार सकते हो.. ओह्ह्ह..

इतना सुन कर तो मैं और भी ज्यादा जोश में आ गया और मामी को हचक कर चोदने लगा.

जब मैं मामी की चूत में धक्के लगाता.. तो बड़ी ही मधुर फच फच की आवाज आ रही थी. पूरे कमरे में हाय हाय की आवाज मस्त माहौल पैदा कर रही थी.

एक बार हम दोनों झड़ गए और फिर से दोनों तैयार भी हो गए.

उसके बाद हम दोनों फिर से चुदाई करने लगे. दुबारा में तो आठ दस धक्कों के बाद ही मेरा लंड उनकी चूत के सटासट अन्दर बाहर होने लगा. फिर मैंने मामी की गांड में पीछे से उंगली डाल दी तो मामी को बहुत मजा आया, मैंने उनको काफी तक लगातार चोदा, वो भी खूब गांड उठा उठा कर चुदवाती रहीं. वो इस बार की चुदाई के दौरान कई बार झड़ चुकी थीं.

उसके बाद मैंने मामी को पेट के बल लिटाया और मामी को कहा- मामी अब मैं आपकी गांड मारूंगा.

मैंने मामी को कुतिया स्टील में होने को कहा और उनके पीछे जाकर मैंने मामी की गांड पर लंड टिकाया तो मामी बोले- सेल, कुतिया को चोद रहा है या अपनी मामी को? ऐसे सूखी सुखी गांड मारेगा तो तेरी मामी की गांड फट जायेगी, इसमे कोई तेल तो लगा ले भोंसड़ी के मादरचोद!

मैं रसोई से सरसों का तेल लार आया और थोड़ा तेल मामी की गांड में डाला और थोड़ा सा अपने लंड पर लगाया. कुछ देर तक मैं अपनी उंगली पर तेल लगा कर मामी की गांड उंगली से मारता रहा. मामी को इसमें बहुत मजा आ रहा था, उनकी सीत्कारें निकल रही थी.
कुछ देर बाद मामी फिर बोली- बहन के लौड़े, उनगली से ही छोड़ता रहेगा या अपनी मामी की गांड में लैंड भी घुसायेगा?

अब मैंने मामी की गांड के छेद पर लंड का सुपारा टिकाया और अंदर को दबाया, पूरा सुपारा तेल की सहायता से मामी की गांड में घुस गया और मामी हल्के से चीख पड़ी, वो कह रही थीं- यार, गांड में दर्द हो रहा है.

पर मैं कहां मानने वाला था. मैंने गांड में लंड अंदर बाहर करना शुरू कर दिया और मामी को दर्द से भरा मजा आने लगा. मामी अपने चूतड़ पीछे धकेल धकेल कर गांड मरवाने का मजा ले रही थी. मैंने भी पूरा मजा लेकर मामी की गांड मारी और कुछ देर बाद अपने वीर्य को उनके चूतड़ों पर ही निकाल दिया.

हम दोनों ऐसे ही नंगे एक दूसरे की बाँहों में सो गए.

मैं दूसरे दिन सुबह करीब दस बजे उठा और मामी को मैंने पत्नी जी कहकर उठाया. हम दोनों एक साथ नहाए.

उसके बाद मैंने कहा- गर्लफ्रेंड से अब शादी करने का टाइम आ गया और मैंने मामी की माँग भरी, मंगलसूत्र पहनाया और फिर मैं बाहर से खाना ले आया.

मैंने मामी को दिन में ही चोदने लगा और दो दिन तक हम दोनों एक दूसरे की वासना को शांत करते रहे.

अब उनके बच्चे वापस आ गए थे, तब भी मौक़ा देख कर मामी की चुत चुदाई का सिलसिला जारी रहा.

मैंने अब मामी के गाँव में ही काम ढूँढ लिया है और मैं उनके घर पर ही रहने लगा हूँ. अब जब भी बच्चे स्कूल जाते, मैं मामी को एक बार चोद लेता. हम दोनों की चुदाई की वासना इतनी अधिक बढ़ चुकी थी कि जब कभी बच्चे थोड़ी देर के लिए खेलने जाते, मैं उतने ही वक्त में मामी को चोद लेता.

इस तरह से दिन में कम से कम दो बार तो चोद ही लेता हूँ. रात को भी मौका मिलता है तो चुदाई का मदमस्त खेल हो जाता है.

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